“Mr. Tandon is a old head on young shoulders.”

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1. अपनी पुस्तक के विषय में संक्षिप्त में बताएं।

     यदि आप धर्म की रक्षा करोगे तो धर्म आपकी रक्षा करेगा।

 

2. इस विषय को आपने क्यों चुना और लिखने की प्रेरणा कहां से मिली?

      हमेशा से ये लगा कि कोई भी नेता हिंदुओं में ऐसा नहीं हुआ जिसने केवल हिंदुओं के हितों को सर्वोपरि रखा हो। मेरे विचार ये रहा कि कोई सर्व धर्म संभव ही हिंदुओं के विनाश का कारण बना है। दूसरों को शरण देने से पहले उनके धर्म ग्रंथों का कोई अध्यनन नहीं किया हिंदू समाज ने और शरण दे डाली। अपने ही सिद्धांत “अतिथि देवो भवः” से हार गया हिंदू समाज और हर बार दानवों को शरण दे बैठा। इन विचारों ने मुझको अपनी पुस्तक लिखने को प्रेरित किया।

       ये प्रेरणा अपने गुरु जी स्वर्गीय श्री धर्मानंद शास्त्री जी से मिली जो संस्कृत के विद्वान थे और जिन्हें भारतीय वैदिक संस्कृत का बहुत ज्ञान था।

 

3. जीवन के प्रति आपके क्या सिद्धांत हैं?

     कोई जवाब नहीं।

 

4. बतौर लेखक आपको अपनी यात्रा में किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

     इस्लाम को समझने के लिए बहुत ठोकरें खानी पड़ी, लगभग 2 साल पढ़ा और कुछ विद्वानों का सानिध्य मिला जिनमें स्वर्गीय श्री पुरुषोत्तम जी प्रमुख हैं, जिनसे इस्लाम को समझा।

 

5. इस पुस्तक को लिखते समय किन समस्याओं से गुज़रना पड़ा?

     संवेदनशील विषय होने के कारण परिवार के अतिरिक्त किसी ने भी सहयोग देना उचित नहीं समझा। प्रकाशकों ने छापने से साफ मना कर दिया।

 

6. इन चुनौतियों का सामना आपने किस प्रकार किया?

     मैंने 2006 में स्वयं प्रकाशित की अपनी कृति। प्रकाशन के तुरंत बाद दिल्ली में मेरे खिलाफ एक मौलाना ने कोर्ट केस कर दिया। ऐसे समय में भी परिवार के अतिरिक्त केवल एक मित्र साथ में थे। कोर्ट ने केस ये कहते हुए एडमिट नहीं किया कि मेरी पुस्तक में केवल इस्लामिक विद्वानों के विचार और इतिहास के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं  है।

 

7. अपने प्रकाशक के संग आपका अनुभव कैसा रहा?

     टीम मेम्बर्स अच्छे हैं, प्रकाशन के कार्य में बहुत सहयोग भी दिया है मगर मैं थोड़ी और दक्षता की उनसे उम्मीद करता हूं।

 

8. बतौर लेखक क्या कभी विचारों या शब्दों की कमी महसूस हुई आपको?

     विचार तो बहुत थे पर लेखक न होने के कारण शब्दों का अभाव अनुभव ज़रूर किया।

 

9. यदि हां तो इस समस्या का समाधान आपको किस प्रकार मिला?

     अधिक से अधिक अध्यनन करके इस अभाव को पूरा करने की कोशिश की है।

 

10. अपनी एक आदत जिसे आप बदलना चाहते हों?

        वाणी  में मधुरता का अभाव।

 

11. साहित्य की दुनिया में आने वाले नए लोगों के लिए खास टिप्स?

       लिखने के पीछे हमेशा कोई एक लक्ष्य होना चाहिए,  समाज में बहुत कुछ है जिसको बदलने की ज़रूरत है पर दुर्भाग्यवश गंभीर विषयों को कोई पढ़ना नहीं चाहता।

 

12. इस पुस्तक को लिखते वक्त ऐसी कोई अच्छी बात, जिसे आप शेयर करना चाहते हों?

       मैंने पाया कि लेखन के दौरान मैंने अपने में ही एक पूरी दुनिया पा ली और मुझको परिवार के अतिरिक्त अपनी स्वयं की कंपनी बहुत अच्छी लगने लगी। मैं बाहरी दुनिया से कट सा गया जो शायद मुझको अच्छा भी लगा।

 

13. अगली पुस्तक आप किस विषय पर लिखना पसंद करेंगे?

       संविधान पर काफी कुछ लिख चुका हूं पर अब मन नहीं करता कुछ और लिखने का। कहानी किस्से मैं लिख नहीं सकता और गंभीर विषयों में लोगों की रुचि नहीं है, पर अध्यनन अनवरत करता हूं।  

 

14. तीन पसंदीदा पर्यटन स्थल?

       कॉर्बेट नेशनल पार्क, शीतला खेत, अल्मोड़ा और डबलिन आयरलैंड।

 

15. कोई ऐसा कथन या विचार जो आपको बहुत प्रोत्साहित करता हो?

       एक वयोवृद्ध ने सार्वजनिक स्थान पर बोला था, “Mr. Tandon is a old head on young shoulders.”

 

16. आपकी ऐसी कोई आदत जिसका आपकी सफलता में विशेष योगदान हो?

       अपने राष्ट्र और हिंदू समाज के प्रति अंधा प्रेम और अपार गुस्सा।

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