Happy B’day OG…

, Greetings, Poetry

Happy B’day OG…

 

5 हज़ार को साथ लेकर

5 वर्ष का सफर किया है।

लेखकों की लेखनी को

जन-जन तक पहुंचाया है।।

पारंपरिक प्रकाशन को हमने

ऑनलाइन बनाया है।

डिजीटल मीडिया के इस युग को

सार्थक हमने बनाया है।।

लेखकों की पहचान को

इक मुक़ाम पर पहुंचाया है।

रचनाओं से उनकी हमने

दुनिया को रूबरू करवाया है।।

किताबों के इस गुलशन की

रौनक यूं ही बरकरार रहे।

साहित्य की नगरी में सबका

पक्का ये सु-मित बने।।