तुम कर सकते हो जैक” और राष्ट्रपति ओबामा की लाइन “यस वी कैन

1. Please provide a brief overview of your book.

पुस्तक में गंगा और देव की प्रेम कहानी है. देव अभी अभी दिल्ली से पढ़कर लौटा है. वो अपनी माँ सावित्री के पास रहना चाहते है. बीऐड कोर्ष करते समय देव की मुलाकात गंगा से होती है. वो उसको सबसे जादा विचित्र और रहस्मय लड़की लगती है. धीरे धीरे देव को गंगा से गहरा प्यार हो जाता है. आगे की कहानी प्रेम की जितने का जबरदस्त संघर्ष दिखाती है. अंत में गंगा और देव की शादी होती है और प्रेम पूर्ण हो जाता है.

2. Why you wrote on this topic and what is your inspiration for writing?

शुरू से ही मुझे लव स्टोरीज बहुत आकर्षित करती रही है. शुरू से ही ये बात मेरे जहन में थी की अगर कभी कोई पुस्तक या लिखी तो वो लव स्टोरी ही होगी. आज के समाज में जब चारो तरह हिंसा अपराध है, लड़की की इज्जत लूटी जा रही है. नई बहुओं को दहेज़ और धन के लिए जलाया जा रहा है. लड़की को मात्र एक भोग विलाश की वस्तु और दासी के रूप में देख जा रहा है, इस परिदृश्य में मेरी  पुस्तक समाज में प्रेम का संदेश देगी. आखिर दुनिया में प्रेम से बड़ी कोई चीज नही होती है. हलाकि 21 सदी में शहरों में स्त्रियों की स्तिथि में काफी सुधार हुआ है , पर गाँवों में आज भी एक नई दुल्हन को काम करने वाली देसी, दासी और बच्चे पैदा करने वाली मशीन के रूप में देखा देता है. गाँवों और छोटे कस्बों में आज भी घर के मर्द ही प्रधान है और वो ही अपने मर्जी से घर चलाते है. इन हालातों में मेरी पुस्तक समाज में प्यार का संदेश देती है.

3. What is your life’s philosophy?

जीयो और जीनो दो की निति में मेरा हमेशा से विश्वास है. अहिंसा में मेरा हमेशा विस्वाश रहा है. मैं पूर्ण शाकाहारी हूँ. किसी का दिन मत दिखाओ. अपना काम मेहनत से करो और भारत देश को आगे लेकर जाओ, इसी में मेरा विश्वाश है.

4. What was the most challenging part of your journey as an author?

शुरू में मैंने गूगल की मदद ली की कैसे नावेल लिखा जाए. अब कोई लेखक ऐसा तो होता नही है की 8 10 दिन में किताब पूरी कर दे. मस्तिस्क में विचार या कहूँ लाइंस धीरे धीरे की develop होती है. ठीक ऐसा मेरे साथ भी हुआ. सबसे पहले एक रफ रजिस्टर पर नावेल के चैप्टर लिखना शुरू किया. जो लाइंस अच्छी नही बनी उनको हटा दिया. इस तरह धीरे धीरे करते नावेल पूरी हो सकी. जो जो चैप्टर्स दिमाग में पहले चमक गये उनको पहले लिख लिया. इस तरह पुस्तक को सकार रूप मिला और अब ये पाठकों के सामने है.

How was your experience with your publisher?

बहुत अच्छा रहा. सभी लोगो से भरपूर सहयोग दिया.

प्रिय लेखक—

चेतन भगत मेरे प्रिय लेखक है. इसके आलावा आर के नारायण, शरद सिंह, प्रीटी शेनॉय, पंकज दुबे, दुर्जोय दत्ता, महात्मा गाँधी, माधुरी बैनर्जी , पॉल कोहेलो मेरे प्रिय लेखक रहे है. उनकी की नोवेल्स पढकर मुझे किताबो के बारे में समझ में आया है और किताबो से जुड़ सका हूँ. आज के युवा को उसकी ही तरह की कहानियाँ चाहिए. समकालीन लेखकों को जादा पढता हूँ.

Have you ever faced writer’s block?

कई बार मैंने इसे फेस किया. इससे बचने के लिए दूसरे शहरों और रिश्तेदारों के घर घुमने गया जिससे नये आइडियास आ सके. नया साहित्य – नई फ़िल्में, संगीत और किताबो को पढकर इसे दूर किया जा सकता है. ऐसा मेरा मानना है.

Share any one habit which you wish to change in yourself.

मुझसे धैर्य की कमी है. काश इसे बदल पाता.

5. One tip you want to give the beginners of writing area.

जो जो दिमाग में आता जाए उसे एक डायरी में लिखते जाए. एक दिन किताब तैयार हो जाएगी.

6. Share one of the best memories while writing this book.

manuscript तो कुछ साल पहले बन गयी थी

7. What will be your next concept?

एक नई नावेल लिखूंगा जो लव स्टोरी ही होगी

8. What are your top three getaway destinations?

इसमें शिमला, नैनीताल और न्यू यॉर्क होगा.

9. Share a quote that inspires you the most.

“तुम कर सकते हो जैक” और राष्ट्रपति ओबामा की लाइन “यस वी कैन”

“तुम कर सकते हो जैक” वस्तुतः इंग्लिश फिल्मों में इस्तेमाल की जाती है. किसी चुनौती पूर्ण काम करने वालो को प्रोत्साहित करने के लिए इसे बोला जाता है. घर में अपने भाईओं और दोस्तों से मैं इस लाइन को कहता हूँ और किसी एक्साम को देने से पहले इसे खास तौर पर यूस करता हूँ.

16—भारत में जिस तरह से नये नये प्रकाशक आ रहे और नये लेखक रोज आ रहे है उसको लेकर आप क्या कहेंगे. हिंदी पुस्तकों के बजार को आप कैसे देखते है??

देखिये जब मैंने पुस्तक लिखने के बारे में सोचा था उस समय मुझे हिंदी के नावेल मार्केट के बारे में कुछ नही मालूम था. जब मैं दिल्ली के दरियागंज अपनी पाण्डुलिपि (manuscript) लेकर गया तो वहां पर बड़ा रुखा व्यावहार मिला. कुछ प्रकाशकों से कहा की जो काम आपने इतनी मेहनत से किया है उसकी कोई वल्यू नही है. क्यूंकि हिंदी की कुछ किताबे की बिक पाती है. कुछ ही लेखक पैसा कमा पाते है और एक तरह से नावेल लिखना एक फ़ालतू का काम है. फ़ालतू लोग को इस तरह की कविता, कहानी और शेरो शायरी में वक्त बर्बाद करते है. ये सब सुनने के बाद तो मेरा दिल टूट गया था. बाद में किसी तरह मैंने खुद को सम्हाला.

पुराने लेखको का जैसे महादेवी वर्मा, मृणाल पाण्डेय, मोहन राकेश और अन्य का भी कहना है की हिंदी लेखन से पैसा कमाना मुश्किल है. इसके भरोसे घर का चूल्हा नही जलाया जा सकता. इसलिए अब अपने रोजगार पर भी जादा ध्यान दे रहा हूँ पुस्तकों के अलावा. हिंदी की नोवेल्स इंग्लिश से बिक्री में पिछड़ जाती है क्यूंकि आज हर कोई इंग्लिश की पढना चाहते है. नौ युवा अपनी इंग्लिश मजबूर करना चाहते है. इंग्लिश के प्रकाशक मार्केटिंग में बहुत मेहनत करते है, जबकि हिंदी के कुछ प्रकाशक की मेहनत दिखाते है. जादातर पुराने ढर्रे पर चल रहे है.

अगर बात आवश्यकता की हो तो किताबे पढने को जीवन की मूलभूत आवस्यकता नही माना जा सकता. जीवन जीने के लिए मुलभुत आवश्यकता में रोटी कपड़ा और मकान है. ये एक तरह से शौकिया काम है, और टाइम पास काम है. जिस तरह से शाम को सभी भारतवासी टीवी देखते है पाठक अपनी किताब उठा लेते है.

17—आज के सोसल मिडिया वाले दौर में कुछ अच्छी किताबे नही चल पाती और कुछ बेजान किताबे की हजारो कोपिस बिक जाती है. ऐसे में आप क्या कहेंगे???

जी ये सवाल तो बहुत प्रासंगिक है. इन किताबो में सवी शर्मा की किताब “ऐवरीवन हैस ए स्टोरी (Everyone has a story) टॉप पर होगी जिसमे एक तरह से कुछ नही था. कोई कहानी उसके पास थी ही नही. पर लेखिका की खूबसूरती, मनमोहक मुस्कान और रोज नई नई आधुनिक ड्रेसेस में फेसबुक पोस्ट से किताब की बिक्री हजारो कपीस में पंहुचा दी. इसके अलावा कुछ अन्य किताबे भी है. आधा काम तो गूगल और अमेज़न कर देता है. असल में जब कुछ कोपीस किसी किताब की बिक जाती है तो बार बार अमेजन पर वही बुक्स शो करती है. नये पाठक थक हार कर उनको खरीद लेते है.

इसके अलावा कुछ लेखक लेखिकाए शर्मीले किस्म के होते है जो बजार में जोर जोर से आवाज लगाकर अपनी किताब की मार्केटिंग नही कर पाते. जबकि कुछ के अंदर मार्केटिंग की क्वालिटी खूब भरपेट होती है. वो जगह जगह सेमीनार करके और अन्य तरीकों से किताब बेच लेते है. इस लिए आज के परिदृश्य में एक लेखक में मार्केटिंग क्वालिटी भी होनी चाहिए किताब बेचने के लिए.

अंत में कहूँगा की किताब लिखना आसान है, किताब छपवाना आसान है पर किताब बेचना सबसे कठिन है.